Part VI - The States • अनुच्छेद

अनुच्छेद 193 Simplified: अनुच्छेद 188 के अधीन शपथ या प्रतिज्ञान करने से पहले या अर्हित न होते हुए या अयोग्य घोषित किए जाने पर बैठने और मतदान करने के लिए शास्ति

यह अपात्र या बिना शपथ लिए विधायकों पर वित्तीय जुर्माना लगाने का प्रावधान करता है। यदि कोई व्यक्ति अनुच्छेद 188 के तहत शपथ लिए बिना, या यह जानते हुए कि वह अयोग्य है, विधानसभा या विधान परिषद की बैठकों में भाग लेता है या मतदान करता है, तो उसे ₹500 प्रति दिन का जुर्माना देना होगा, जिसे राज्य को देय ऋण के रूप में वसूला जाएगा।

Official Text

अनु च्छेद 188 के अधीन शपथ लेने या प्रतििान करने से पहले या अहिर्त न होते हु ए या निरहिर्त किए जाने पर बैठने और मत देने के लिए शािस्त–यदि किसी राज्य कि विधान सभा या विधान परिषद् मि कोई व्यिक्त अनु च्छेद 188 कि अपेिाओं का अनु पालन करने से पहले, या यह जानते हु ए कि मि उसकि सदस्यता के लिए अहिर्त नहीं हू ं या निरहिर्त कर दिया गया हू ं या संसद् या राज्य के विधान-मंडल द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधि द्वारा ऐसा करने से प्रतिषिद्ध कर दिया गया हू ं, सदस्य के रूप मि बैठता है या मत देता है तो वह प्रत्येक दिन के लिए जब वह इस प्रकार बैठता है या मत देता है, पाँच सौ रुपए कि शािस्त का भागी होगा जो राज्य को देय ऋण के रूप मि वसू ल कि जाएगी । राज्यि के विधान-मंडलि और उनके सदस्यि कि शक्तियाँ, विशेषाधिकार और उन्मु िक्तयां

Simple Meaning

यह अपात्र या बिना शपथ लिए विधायकों पर वित्तीय जुर्माना लगाने का प्रावधान करता है। यदि कोई व्यक्ति अनुच्छेद 188 के तहत शपथ लिए बिना, या यह जानते हुए कि वह अयोग्य है, विधानसभा या विधान परिषद की बैठकों में भाग लेता है या मतदान करता है, तो उसे ₹500 प्रति दिन का जुर्माना देना होगा, जिसे राज्य को देय ऋण के रूप में वसूला जाएगा।

Explain Like Ten

सदन में काम शुरू करने से पहले विधायकों को शपथ लेनी होती है। यदि कोई विधायक बिना शपथ लिए बैठकों में शामिल होता है, या अयोग्य घोषित होने के बावजूद सदन में वोट देता है, तो उसे हर दिन के लिए ₹500 का जुर्माना देना होगा।

Student Mode

यह अनुच्छेद राज्य स्तर पर सांसदों पर लगाए जाने वाले जुर्माने से संबंधित अनुच्छेद 104 के समान है। इसके तीन मुख्य कारक हैं: (1) अनुच्छेद 188 के तहत शपथ न लेना, (2) अर्हता (Qualification) का न होना, या (3) अयोग्य होना। ₹500 प्रति दिन का यह जुर्माना दीवानी ऋण (Civil Debt) के रूप में वसूला जा सकता है।

Example

यदि कोई व्यक्ति विधायक के रूप में चुना जाता है लेकिन उसने अभी तक शपथ नहीं ली है, और वह सत्र में भाग लेकर किसी विधेयक पर वोट देता है, तो उस पर ₹500 प्रति दिन का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि किसी को पता चल जाए कि वह अयोग्य है और वह फिर भी 10 दिनों तक सदन में उपस्थित रहता है, तो उसे राज्य सरकार को ₹5,000 का भुगतान करना होगा।

Key Takeaway

अनुच्छेद 193 शपथ न लेने वाले या अयोग्य विधायकों को विधायी बैठकों में भाग लेने या मतदान करने से रोकने के लिए एक वित्तीय दंड प्रदान करता है।

FAQs

अनुच्छेद 193 के तहत अनुचित भागीदारी के लिए प्रति दिन जुर्माने की राशि क्या है?

₹500 (पांच सौ रुपये) प्रति दिन, जिसे राज्य को देय ऋण (Debt) के रूप में वसूला जाएगा।

क्या अनुच्छेद 193 केवल तभी लागू होता है जब सदस्य जानबूझकर जानता हो कि वह अयोग्य है?

हाँ। अनुच्छेद में स्पष्ट रूप से 'जब वह जानता है' शब्दावली का प्रयोग किया गया है, जो दर्शाता है कि अयोग्यता या अपात्रता की जानकारी होना दंड के लिए आवश्यक है।

Quiz

अनुच्छेद 193 के तहत, यदि कोई विधायक शपथ लेने से पहले मतदान करता है तो उस पर प्रति दिन कितना जुर्माना लगता है?

Answer: ₹500

दोषी विधायक से अनुच्छेद 193 के तहत जुर्माना कैसे वसूला जाता है?

Answer: राज्य को देय ऋण (Debt) के रूप में

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