Part VI - The States • अनुच्छेद
अनुच्छेद 191 Simplified: सदस्यता के लिए अयोग्यताएं
अनुच्छेद 191 विधायकों (MLAs) के लिए एक पात्रता फिल्टर है। किसी व्यक्ति को अयोग्य घोषित किया जा सकता है यदि: 1) वह केंद्र या राज्य सरकार के तहत किसी लाभ के पद (Office of Profit) पर हो। 2) न्यायालय द्वारा उसे विकृतचित्त (Unsound Mind) घोषित किया गया हो। 3) वह अनुन्मोचित दिवालिया (Undischarged Insolvent) हो। 4) वह भारत का नागरिक न हो या उसने स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता प्राप्त कर ली हो। 5) वह दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत अयोग्य घोषित किया गया हो।
Official Text
सदस्यता के लिए निरहर्ताएं–(1) कोई व्यिक्त किसी राज्य कि विधान सभा या विधान परिषद् का सदस्य चु ने जाने के लिए और सदस्य होने के लिए निरहिर्त होगा– 1. देखिए विधि मंत्रालय कि अधिसू चना सं0 एफ0 46/50-सी, दिनांक 26 जनवरि, 1950, भारत का राजपत्र, असा धारण, पृ 0 678 मि प्रकाशित समसामयिक सदस्यता प्रतिषेध नियम, 1950 । ु च्छेद 191 के खंड (1)” के स्थान पर प्रतिस्थापित । ि तीसवां संशोधन) अधिनियम, 1974 कि धारा 3 द्वारा ( 19- 5-1974 से) प्रतिस्थापित । ि तीसवां संशोधन) अधिनियम, 1974 कि धारा 3 द्वारा ( 19- 5-1974 से) अंतःस्थापित । [(क) यदि वह भारत सरकार के या पहलि अनु सू ची मि विनिदिर्ष्ट किसी राज्य कि सरकार के अधीन, ऐसे पद को छोड़करिजसको धारण करने वाले का निरहिर्त न होना राज्य के विधान-मंडल ने विधि द्वारा घोषित किया है, कोई लाभ का पद धारण करता है ;] (ख) यदि वह विकृ तचिि है और समि न्यायालय कि ऐसी घोषणा विद्यमान है ; (ग) यदि वह अनु न्मोचित दिवालिया है ; (घ) यदि वह भारत का नागरिक नहीं है या उसने किसी विदेशी राज्य कि नागरिकता स्वेच्छा से अिजर्त कर लि है या वह किसी विदेशी राज्य के प्रति निष्ठा या अनु षिक्त को अभिस्वीकार किए हु ए है ; (ङ) यदि वह संसद् द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस प्रकार निरहिर्त कर दिया जाता है । [स्पष्टकिरण–इस खंड के प्रयोजनि के लिए,] कोई व्यिक्त के वल इस कारण भारत सरकार के या पहलि अनु सू ची मि विनिदिर्ष्ट किसी राज्य कि सरकार के अधीन लाभ का पद धारण करने वाला नहीं समझा जाएगा कि वह संघ का या ऐसे राज्य का मंत्री है । [(2) कोई व्यिक्त किसी राज्य कि विधान सभा या विधान परिषद् का सदस्य होने के लिए निरहिर्त होगा यदि वह दसवीं अनु सू ची के अधीन इस प्रकार निरहिर्त हो जाता है ।]
Simple Meaning
अनुच्छेद 191 विधायकों (MLAs) के लिए एक पात्रता फिल्टर है। किसी व्यक्ति को अयोग्य घोषित किया जा सकता है यदि: 1) वह केंद्र या राज्य सरकार के तहत किसी लाभ के पद (Office of Profit) पर हो। 2) न्यायालय द्वारा उसे विकृतचित्त (Unsound Mind) घोषित किया गया हो। 3) वह अनुन्मोचित दिवालिया (Undischarged Insolvent) हो। 4) वह भारत का नागरिक न हो या उसने स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता प्राप्त कर ली हो। 5) वह दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत अयोग्य घोषित किया गया हो।
Explain Like Ten
इसे विधायकों के लिए एक सुरक्षा चेकलिस्ट की तरह समझें। यदि कोई विधायक दूसरा सरकारी वेतन वाला काम कर रहा है, दिवालिया हो गया है, मानसिक रूप से बीमार है, भारतीय नागरिक नहीं है, या अपनी पार्टी बदलता है, तो उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
Student Mode
यह अनुच्छेद संसद सदस्यों के लिए अनुच्छेद 102 के समान है। पांच प्राथमिक आधार हैं: (क) लाभ का पद धारण करना, (ख) सक्षम न्यायालय द्वारा विकृतचित्त घोषित होना, (ग) दिवालिया होना, (घ) नागरिकता न होना या विदेशी राज्य के प्रति निष्ठा रखना, (ङ) संसदीय कानून के तहत अयोग्य होना। खंड (2) में दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule) के तहत दल-बदल से संबंधित अयोग्यता शामिल है।
Example
यदि कोई विधायक व्यक्तिगत लाभ के लिए अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हो जाता है, तो उसे अनुच्छेद 191(2) के तहत दल-बदल विरोधी कानून के नियमों के अनुसार अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
Key Takeaway
अनुच्छेद 191 उन आधारों को सूचीबद्ध करता है जिसके तहत कोई व्यक्ति विधायक (MLA) बनने या बने रहने के लिए अयोग्य हो जाता है।
FAQs
क्या संघ या राज्य मंत्री होने से 'लाभ का पद' नियम के तहत कोई व्यक्ति विधायक बनने के लिए अयोग्य हो जाता है?
नहीं। अनुच्छेद 191(1) का स्पष्टीकरण स्पष्ट करता है कि मंत्री पद धारण करने को इस अयोग्यता के प्रयोजन के लिए 'लाभ का पद' (Office of Profit) नहीं माना जाएगा।
दसवीं अनुसूची क्या है और यह अनुच्छेद 191 से कैसे संबंधित है?
दसवीं अनुसूची दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) है। अनुच्छेद 191(2) के अनुसार, यदि कोई सदस्य अपनी पार्टी के साथ विश्वासघात करता है या व्हिप का उल्लंघन करता है, तो वह अयोग्य हो जाता है।
Quiz
अनुच्छेद 191 के तहत, निम्नलिखित में से कौन सा किसी व्यक्ति को विधायक बनने से स्वचालित रूप से अयोग्य नहीं ठहराएगा?
Answer: राज्य का कैबिनेट मंत्री होना
दल-बदल विरोधी कानून संविधान की किस अनुसूची में निहित है?
Answer: दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule)