Part VI - The States • अनुच्छेद
अनुच्छेद 189 Simplified: सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति
यह स्थापित करता है कि राज्य विधानमंडल के सदनों में निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से किए जाते हैं। अध्यक्ष या सभापति (Speaker or Chairman) शुरू में मतदान नहीं करते हैं, लेकिन मत बराबर होने (Tie) की स्थिति में उनके पास निर्णायक मत (Casting Vote) होता है। यह कार्य संचालन के लिए आवश्यक न्यूनतम गणपूर्ति (Quorum) (10 सदस्य या सदन की कुल सदस्य संख्या का 1/10वां हिस्सा, जो भी अधिक हो) को भी परिभाषित करता है।
Official Text
सदनि मि मतदान, रििक्तयि के होते हु ए भी सदनि कि कायर् करने कि शिक्त और गणपू तिर्–(1) इस संविधान मि यथा अन्यथा उपबंधित के सिवाय, किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन कि बैठक मि सभी प्रश्नि का अवधार ण, अध्यि या सभापति को अथवा उस रूप मि कायर् करने वाले व्यिक्त को छोड़कर, उपिस्थत और मत देने वाले सदस्यि के बहु मत से किया जाएगा । अध्यि या सभापति, अथवा उस रूप मि कायर् करने वाला व्यिक्त प्रथमत: मत नहीं देगा, कि ं तु मत बराबर होने कि दशा मि उसका निणार् यक मत होगा और वह उसका प्रयोग करेगा । (2) राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन कि सदस्यता मि कोई रििक्त होने पर भी, उस सदन को कायर् करने कि शिक्त होगी और यदि बाद मि यह पता चलता है कि कोई व्यिक्त, जो ऐसा करने का हकदार नहीं था, कायर्वाहियि मि उपिस्थत रहा है या उसने मत दिया है या अन्यथा भाग लिया है तो भी राज्य के विधान-मंडल कि कायर्वाहि विधिमान्य होगी । [(3) जब तक राज्य का विधान-मंडल विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन का अधिवेशन गठित करने के लिए गणपू तिर् दस सदस्य या सदन के सदस्यि कि कु ल संख्या का दसवां भाग, इसमि से जो भी अधिक हो, होगी । (4) यदि राज्य कि विधान सभा या विधान परिषद् के अधिवेशन मि किसी समय गणपू तिर् नहीं है तो अध्यि या सभापति अथवा उस रूप मि कायर् करने वाले व्यिक्त का यह कतर्व्य होगा कि वह सदन को स्थगित कर दे या अधिवेशन को तब तक के लिए निलंबित कर दे जब तक गणपू तिर् नहीं हो जाती है । ] सदस्यि कि निरहर्ताएं
Simple Meaning
यह स्थापित करता है कि राज्य विधानमंडल के सदनों में निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से किए जाते हैं। अध्यक्ष या सभापति (Speaker or Chairman) शुरू में मतदान नहीं करते हैं, लेकिन मत बराबर होने (Tie) की स्थिति में उनके पास निर्णायक मत (Casting Vote) होता है। यह कार्य संचालन के लिए आवश्यक न्यूनतम गणपूर्ति (Quorum) (10 सदस्य या सदन की कुल सदस्य संख्या का 1/10वां हिस्सा, जो भी अधिक हो) को भी परिभाषित करता है।
Explain Like Ten
सदन की बैठक शुरू होने के लिए न्यूनतम संख्या में लोगों का होना आवश्यक है (कम से कम 10 सदस्य या कुल संख्या का दसवां हिस्सा)। निर्णय साधारण बहुमत के वोट से लिए जाते हैं, और पीठासीन नेता केवल तभी वोट देता है जब परिणाम टाई (बराबर) हो।
Student Mode
यह मतदान के नियमों (उपस्थित और मतदान करने वालों का साधारण बहुमत) को स्थापित करता है, अध्यक्ष/सभापति को पहली बार में मतदान करने से रोकता है लेकिन टाई होने पर उन्हें निर्णायक मत (Casting Vote) प्रदान करता है, रिक्तियों के बावजूद विधायी कार्यवाहियों की वैधता की रक्षा करता है, और डिफ़ॉल्ट गणपूर्ति (Quorum) को 10 सदस्यों या सदन की कुल संख्या के दसवें भाग पर निर्धारित करता है।
Example
किसी राज्य विधेयक पर मतदान के दौरान, यदि 100 विधायक (MLAs) उपस्थित हैं, तो इसे पारित करने के लिए 51 मतों की आवश्यकता होती है। यदि मतदान 50-50 पर बराबर हो जाता है, तो अध्यक्ष (Speaker) टाई को तोड़ने के लिए अपने निर्णायक मत (Casting Vote) का उपयोग करते हैं। यदि केवल 8 विधायक आते हैं (जो 10-सदस्यीय न्यूनतम गणपूर्ति से कम है), तो अध्यक्ष को बैठक स्थगित करनी होगी।
Key Takeaway
निर्णय साधारण बहुमत से लिए जाते हैं, और पीठासीन अधिकारी केवल मतों की समानता को तोड़ने के लिए मतदान करते हैं; कार्य संचालन के लिए न्यूनतम गणपूर्ति (Quorum) आवश्यक है।
FAQs
विधायी सदन में मामलों का निर्णय कैसे किया जाता है?
अध्यक्ष या सभापति (Speaker or Chairman) के अलावा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत द्वारा।
अध्यक्ष या सभापति कब मतदान करते हैं?
वे पहली बार में मतदान नहीं करते हैं, लेकिन यदि मत बराबर हों तो टाई को तोड़ने के लिए निर्णायक मत (Casting Vote) का प्रयोग करते हैं।
राज्य विधानमंडल की बैठक के लिए गणपूर्ति (Quorum) क्या है?
जब तक विधानमंडल कानून द्वारा अन्यथा प्रावधान न करे, यह दस सदस्य या सदन के सदस्यों की कुल संख्या का दसवां हिस्सा (जो भी अधिक हो) है।
गणपूर्ति (Quorum) न होने पर अध्यक्ष या सभापति का क्या कर्तव्य है?
यह उनका संवैधानिक कर्तव्य है कि वे या तो सदन को स्थगित (Adjourn) करें या गणपूर्ति होने तक बैठक को निलंबित कर दें।
आरंभिक अनधिकृत व्यक्ति के मतदान से क्या सदन की कार्यवाही अमान्य हो जाती है?
नहीं, अनुच्छेद 189(2) विधायी कार्यवाहियों की वैधता की रक्षा करता है, भले ही बाद में यह पता चले कि कोई अयोग्य व्यक्ति बैठक में बैठा था, मतदान किया था या कार्यवाही में भाग लिया था।
Quiz
राज्य विधायी सदन की बैठक आयोजित करने के लिए आवश्यक डिफ़ॉल्ट गणपूर्ति (Quorum) क्या है?
Answer: 10 सदस्य या सदस्यों का 1/10वां भाग (जो भी अधिक हो)
अनुच्छेद 189 के तहत, अध्यक्ष या सभापति कब मतदान कर सकते हैं?
Answer: केवल मत बराबर होने की स्थिति में (निर्णायक मत)
यदि बैठक में गणपूर्ति (Quorum) नहीं है, तो पीठासीन अधिकारी का क्या कर्तव्य है?
Answer: सदन को स्थगित करना या बैठक को निलंबित करना
क्या किसी सदन की कार्यवाही अमान्य हो जाती है यदि उसकी सदस्यता में कोई रिक्ति हो?
Answer: नहीं, सदन को रिक्तियों के बावजूद कार्य करने की शक्ति है