Part VI - The States • अनुच्छेद
अनुच्छेद 184 Simplified: सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य करने की उपसभापति या अन्य व्यक्ति की शक्ति
सभापति का पद खाली होने पर उपसभापति को सभापति के कर्तव्यों का पालन करने, या सभापति के अनुपस्थित होने पर सभापति के रूप में कार्य करने की शक्ति देता है। यदि दोनों पद खाली हैं, तो राज्यपाल इन कर्तव्यों का पालन करने के लिए विधान परिषद के किसी सदस्य (MLC) को नियुक्त कर सकते हैं।
Official Text
सभापति के पद के कतर्व्यि का पालन करने या सभापति के रूप मि कायर् करने कि उपसभापति या अन्य व्यिक्त कि शिक्त–(1) जब सभापति का पद रिक्त है तब उपसभापति, यदि उपसभापति का पद भी रिक्त है तो विधान परिषद् का ऐसा सदस्य, िजसको राज्यपाल इस प्रयोजन के लिए नियु क्त करे, उस पद के कतर्व्यि का पालन करेगा । (2) विधान परिषद् कि किसी बैठक से सभापति कि अनु पिस्थति मि उपसभापति, या यदि वह भी अनु पिस्थत है तो ऐसा व्यिक्त, जो विधान परिषद् कि प्रक्रिया के नियमि द्वारा अवधारित किया जाए, या यदि ऐसा कोई व्यिक्त उपिस्थत नहीं है तो ऐसा अन्य व्यिक्त, जो विधान परिषद् द्वारा अवधारित किया जाए, सभापति के रूप मि कायर् करेगा ।
Simple Meaning
सभापति का पद खाली होने पर उपसभापति को सभापति के कर्तव्यों का पालन करने, या सभापति के अनुपस्थित होने पर सभापति के रूप में कार्य करने की शक्ति देता है। यदि दोनों पद खाली हैं, तो राज्यपाल इन कर्तव्यों का पालन करने के लिए विधान परिषद के किसी सदस्य (MLC) को नियुक्त कर सकते हैं।
Explain Like Ten
यदि विधान परिषद के सभापति बीमार हैं या नौकरी छोड़ देते हैं, तो उपसभापति कार्यभार संभालते हैं। यदि दोनों चले गए हैं, तो राज्यपाल अस्थायी रूप से नेतृत्व करने के लिए परिषद के किसी अन्य सदस्य को नियुक्त करते हैं।
Student Mode
यह उपसभापति को रिक्ति के दौरान सभापति के कर्तव्यों का पालन करने या अनुपस्थिति के दौरान सभापति के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत करता है, और दोनों पद रिक्त होने पर इन कर्तव्यों का पालन करने के लिए राज्यपाल को परिषद के किसी सदस्य को नियुक्त करने की शक्ति देता है।
Example
जब विधान परिषद के सभापति चिकित्सा अवकाश पर होते हैं, तो उपसभापति दैनिक सत्रों की अध्यक्षता करते हैं। यदि दोनों पद रिक्त हो जाते हैं, तो राज्यपाल सभापति के कर्तव्यों का पालन करने के लिए परिषद के किसी सदस्य को नियुक्त करते हैं।
Key Takeaway
सभापति के पद रिक्त होने या अनुपस्थिति के दौरान उपसभापति या राज्यपाल द्वारा नियुक्त विधान परिषद सदस्य सभापति के कर्तव्यों का पालन करते हैं ताकि परिषद का काम जारी रहे।
FAQs
यदि सभापति अनुपस्थित हों तो परिषद की अध्यक्षता कौन करता है?
उपसभापति करते हैं। यदि वे भी अनुपस्थित हैं, तो परिषद की प्रक्रिया के नियमों द्वारा निर्धारित व्यक्ति, या परिषद द्वारा चुना गया कोई अन्य सदस्य, सभापति के रूप में कार्य करता है।
यदि सभापति और उपसभापति दोनों के पद रिक्त हो जाएं तो क्या होता है?
राज्यपाल एक स्थायी सभापति चुने जाने तक सभापति के कर्तव्यों का पालन करने के लिए विधान परिषद के किसी सदस्य को नियुक्त करते हैं।
बैठक से सभापति की अस्थायी अनुपस्थिति के दौरान कौन सभापति के रूप में कार्य करता है?
उपसभापति सभापति के रूप में कार्य करते हैं, या यदि वे भी अनुपस्थित हैं, तो परिषद की प्रक्रिया के नियमों के तहत नामित व्यक्ति कार्य करता है।
Quiz
यदि विधान परिषद में सभापति और उपसभापति दोनों के पद रिक्त हैं, तो अस्थायी प्रतिस्थापन की नियुक्ति कौन करता है?
Answer: राज्यपाल
अनुच्छेद 184 का कौन सा खंड बैठक से अस्थायी अनुपस्थिति के मामले में सभापति के कर्तव्यों को नियंत्रित करता है?
Answer: खंड (2)
सभापति का पद रिक्त होने के दौरान, स्वचालित रूप से कर्तव्यों का पालन कौन करता है?
Answer: उपसभापति