Part VI - The States • अनुच्छेद
अनुच्छेद 183 Simplified: सभापति और उपसभापति पदों का रिक्त होना, पदत्याग और पद से हटाया जाना
यह नियंत्रित करता है कि विधान परिषद के सभापति या उपसभापति को अपना पद कब खाली करना होगा (जैसे कि यदि वे विधान परिषद सदस्य (MLC) नहीं रहते हैं), वे कैसे इस्तीफा दे सकते हैं (एक-दूसरे को पत्र लिखकर), और उन्हें 14 दिनों के नोटिस के बाद सभी सदस्यों के बहुमत से पारित परिषद के प्रस्ताव द्वारा कैसे हटाया जा सकता है।
Official Text
सभापति और उपसभापति का पद रिक्त होना, पदत्याग और पद से हटाया जाना–विधान परिषद् के सभापति या उपसभापति के रूप मि पद धारण करने वाला सदस्य– (क) यदि विधान परिषद् का सदस्य नहीं रहता है तो अपना पद रिक्त कर देगा ; (ख) किसी भी समय, यदि वह सदस्य सभापति है तो उपसभापति को संबोधित और यदि वह सदस्य उपसभापति है तो सभापति को संबोधित अपने हस्तारि सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा ; और (ग) विधान परिषद् के तत्कालनि समस्त सदस्यि के बहु मत से पारित संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा : परंतु खंड (ग) के प्रयोजन के लिए कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाए गा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय कि कम से कम चौदह दिन कि सू चना न दे दि गई हो ।
Simple Meaning
यह नियंत्रित करता है कि विधान परिषद के सभापति या उपसभापति को अपना पद कब खाली करना होगा (जैसे कि यदि वे विधान परिषद सदस्य (MLC) नहीं रहते हैं), वे कैसे इस्तीफा दे सकते हैं (एक-दूसरे को पत्र लिखकर), और उन्हें 14 दिनों के नोटिस के बाद सभी सदस्यों के बहुमत से पारित परिषद के प्रस्ताव द्वारा कैसे हटाया जा सकता है।
Explain Like Ten
यह बताता है कि परिषद का कोई नेता अपनी नौकरी कैसे छोड़ सकता है या उसे कैसे हटाया जा सकता है। वे एक-दूसरे को पत्र लिखकर इस्तीफा देते हैं, और 14 दिनों के नोटिस के बाद परिषद के अधिकांश सदस्य वोट देकर उन्हें हटा सकते हैं।
Student Mode
यह विधान परिषद के सभापति और उपसभापति के पद रिक्त होने, पदत्याग (एक-दूसरे को संबोधित) और हटाए जाने (14 दिनों के नोटिस के बाद परिषद के तत्कालीन सभी सदस्यों के बहुमत द्वारा) के संवैधानिक नियमों को रेखांकित करता है।
Example
यदि विधान परिषद के सभापति पद छोड़ने का निर्णय लेते हैं, तो वे अपना इस्तीफा पत्र उपसभापति को संबोधित करते हैं। यदि कोई राजनीतिक गठबंधन सभापति को हटाना चाहता है, तो उन्हें परिषद में प्रस्ताव लाने से पहले औपचारिक रूप से 14 दिनों का नोटिस देना होगा।
Key Takeaway
सदस्यता खोने पर सभापति और उपसभापति पद खाली कर देते हैं, वे एक-दूसरे को लिखित त्यागपत्र देकर इस्तीफा दे सकते हैं, या 14 दिनों के नोटिस पर बहुमत के प्रस्ताव द्वारा हटाए जा सकते हैं।
FAQs
विधान परिषद के सभापति का पद किस कारण खाली हो जाता है?
यदि वे विधान परिषद के सदस्य (MLC) नहीं रहते हैं तो उन्हें अपना पद खाली करना होगा।
विधान परिषद के सभापति अपना इस्तीफा किसे संबोधित करते हैं?
सभापति अपना इस्तीफा पत्र उपसभापति को संबोधित करते हैं (और उपसभापति, सभापति को)।
विधान परिषद के सभापति को हटाने की प्रक्रिया क्या है?
परिषद को प्रस्ताव लाने के इरादे से कम से कम 14 दिन पहले नोटिस देने के बाद, परिषद के तत्कालीन सभी सदस्यों के बहुमत से एक प्रस्ताव पारित करना होगा।
क्या विधानसभा भंग होने पर विधान परिषद के सभापति अपना पद खाली कर देते हैं?
नहीं। विधान परिषद एक स्थायी निकाय है जिसे भंग नहीं किया जा सकता, इसलिए इसके पदाधिकारियों का कार्यकाल विधानसभा चुनावों से स्वतंत्र होता है।
Quiz
विधान परिषद के सभापति अपना इस्तीफा किसे संबोधित करते हैं:
Answer: परिषद के उपसभापति को
विधान परिषद के सभापति या उपसभापति को हटाने के लिए, प्रस्ताव किसके द्वारा पारित किया जाना चाहिए:
Answer: परिषद के तत्कालीन सभी सदस्यों का बहुमत
सभापति को हटाने का प्रस्ताव लाने से पहले कितने दिनों का अनिवार्य नोटिस देना आवश्यक है?
Answer: 14 दिन
विधानसभा अध्यक्ष के विपरीत, विधान परिषद के सभापति को किस कारण से पद से नहीं हटना पड़ता है:
Answer: विधानसभा के विघटन के कारण