Part VI - The States • अनुच्छेद

अनुच्छेद 175 Simplified: सदन या सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्यपाल का अधिकार

राज्यपाल को राज्य विधानसभा (या द्विसदनीय राज्यों में दोनों सदनों) को संबोधित करने और लंबित विधेयकों या अन्य मामलों के संबंध में संदेश भेजने का अधिकार देता है, जिसे विधानमंडल को यथाशीघ्र विचार करना चाहिए।

Official Text

सदन या सदनि मि अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्यपाल का अधिकार–(1) राज्यपाल, विधान सभा मि या विधान परिषद् वाले राज्य कि दशा मि उस राज्य के विधान-मंडल के किसी एक सदन मि या एक साथ समवेत दोनि सदनि मि , अभिभाषण कर सकेगा और इस प्रयोजन के लिए सदस्यि कि उपिस्थति कि अपेिा कर सकेगा । (2) राज्यपाल, राज्य के विधान-मंडल मि उस समय लंबित किसी विधेयक के संबंध मि संदेश या कोई अन्य संदेश, उस राज्य के विधान-मंडल के सदन या सदनि को भेज सकेगा औरिजस सदन को कोई संदेश इस प्रकार भेजा गया है वह सदन उस संदेश द्वारा विचार करने के लिए अपेिति विष य पर सु विधानु सार शीघ्रता से विचार करेगा ।

Simple Meaning

राज्यपाल को राज्य विधानसभा (या द्विसदनीय राज्यों में दोनों सदनों) को संबोधित करने और लंबित विधेयकों या अन्य मामलों के संबंध में संदेश भेजने का अधिकार देता है, जिसे विधानमंडल को यथाशीघ्र विचार करना चाहिए।

Explain Like Ten

यह राज्यपाल को विधायकों से बात करने या उन्हें उन विधेयकों के बारे में आधिकारिक संदेश भेजने की अनुमति देता है जिन्हें पारित होने में बहुत अधिक समय लग रहा है।

Student Mode

यह राज्यपाल को राज्य विधानमंडल के किसी एक या दोनों सदनों को संबोधित करने, सदस्यों की उपस्थिति की मांग करने और लंबित विधेयकों के संबंध में संदेश भेजने का अधिकार देता है, जिन पर पूरी शीघ्रता के साथ विचार किया जाना चाहिए।

Example

यदि कोई विवादास्पद विधेयक राज्य विधानमंडल में लंबे समय से लंबित है, तो राज्यपाल विधानसभा को एक औपचारिक संदेश भेज सकते हैं जिसमें उनसे बिना किसी देरी के उस पर चर्चा करने और मतदान करने की आवश्यकता हो सकती है।

Key Takeaway

राज्यपाल किसी भी समय विधायी सदनों को संबोधित कर सकते हैं और आधिकारिक संदेश भेज सकते हैं जिन पर विचार करना विधानमंडल के लिए संवैधानिक रूप से आवश्यक है।

FAQs

अनुच्छेद 175 के तहत राज्यपाल कब राज्य विधानमंडल को संबोधित कर सकते हैं?

राज्यपाल किसी भी समय विधानसभा (या द्विसदनीय राज्य में दोनों सदनों) को संबोधित कर सकते हैं, और इस उद्देश्य के लिए सदस्यों की उपस्थिति की मांग कर सकते हैं।

राज्यपाल द्वारा सदन को संदेश भेजने का क्या उद्देश्य है?

राज्यपाल किसी लंबित विधेयक या किसी अन्य मामले के संबंध में संदेश भेज सकते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कार्यपालिका के पास विधायी ध्यान आकर्षित करने का एक संवैधानिक माध्यम है।

क्या विधानमंडल राज्यपाल द्वारा भेजे गए संदेशों पर विचार करने के लिए बाध्य है?

हाँ, सदन संदेश द्वारा आवश्यक किसी भी विषय पर पूरी शीघ्रता के साथ विचार करने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य है।

अनुच्छेद 175, अनुच्छेद 176 से किस प्रकार भिन्न है?

अनुच्छेद 175 एक विवेकाधीन अधिकार है जिसका उपयोग राज्यपाल किसी भी समय कर सकते हैं। अनुच्छेद 176 एक अनिवार्य विशेष अभिभाषण है जो चुनाव के बाद नए सत्र की शुरुआत में और हर नए साल में होना आवश्यक है।

Quiz

अनुच्छेद 175 के तहत, जब विधानमंडल को राज्यपाल से कोई संदेश प्राप्त होता है, तो उसका क्या कर्तव्य होता है?

Answer: इसे पूरी शीघ्रता के साथ इस मामले पर विचार करना होगा

अनुच्छेद 175 के तहत सदनों को संबोधित करने का राज्यपाल का अधिकार किस पर लागू होता है:

Answer: व्यक्तिगत रूप से किसी भी सदन या दोनों सदनों की संयुक्त बैठक पर

अनुच्छेद 176 की तुलना में अनुच्छेद 175 के अभिभाषण के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा सत्य है?

Answer: अनुच्छेद 175 विवेकाधीन है

अनुच्छेद 175 के तहत अभिभाषण के लिए सदस्यों की उपस्थिति की मांग कौन कर सकता है?

Answer: राज्यपाल

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