Part VI - The States • अनुच्छेद
अनुच्छेद 163 Simplified: राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद
अनुच्छेद 163 संघ स्तर के अनुच्छेद 74 का राज्य-स्तरीय रूप है। यह स्पष्ट करता है कि यद्यपि राज्यपाल राज्य का औपचारिक प्रमुख है, लेकिन राज्य में वास्तविक शक्ति (Real Power) मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के पास होती है। राज्यपाल को आमतौर पर उनकी सलाह का पालन करना होता है, सिवाय कुछ विशेष स्थितियों के जहां राज्यपाल अपने 'स्वविवेक' (Discretion) का उपयोग कर सकते हैं।
Official Text
राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंति्र-परिषद्–(1) िजन बाति मि इस संविधान द्वारा या इस के अधीन राज्यपाल से यह अपेिति है कि वह अपने कृ त्यि या उनमि से किसी को अपने विवेकानु सार करे, उन बाति को छोड़कर राज्यपाल को अपने कृ त्यि का प्रयोग करने मि सहायता और सलाह देने के लिए एक मंति्र-परिषद् होगी िजसका प्रधान, मु ख्यमंत्री होगा । (2) यदि कोई प्रश्न उठता है कि कोई विषय ऐसा है या नहीं िजसके संबंध मि इस संविधान द्वारा या इसके अधीन राज्यपाल से यह अपेिति है कि वह अपने विवेकानु सार कायर् करे तो राज्यपाल का अपने विवेकानु सार किया गया विनिश्चय अंतिम होगा और राज्यपाल द्वारा कि गई किसी बात कि विधिमान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नहीं कि जाएगी कि उसे अपने विवेकानु सार कायर् करना चाहिए था या नहीं । (3) इस प्रश्न कि किसी न्यायालय मि जांच नहीं कि जाएगी कि क्या मंति्रयि ने राज्यपाल को कोई सलाह दि, और यदि दि तो क्या दि ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 163 संघ स्तर के अनुच्छेद 74 का राज्य-स्तरीय रूप है। यह स्पष्ट करता है कि यद्यपि राज्यपाल राज्य का औपचारिक प्रमुख है, लेकिन राज्य में वास्तविक शक्ति (Real Power) मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के पास होती है। राज्यपाल को आमतौर पर उनकी सलाह का पालन करना होता है, सिवाय कुछ विशेष स्थितियों के जहां राज्यपाल अपने 'स्वविवेक' (Discretion) का उपयोग कर सकते हैं।
Explain Like Ten
भले ही राज्यपाल राज्य के आधिकारिक बॉस होते हैं, लेकिन उन्हें लगभग सभी कामों के लिए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों की सलाह माननी होती है, सिवाय उन कुछ खास मौकों के जब वे अपने फैसले खुद ले सकते हैं।
Student Mode
यह राज्य स्तर पर संसदीय सरकार के रूप की स्थापना करता है। यह निर्देश देता है कि राज्यपाल अपने कार्यों का प्रयोग करने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर कार्य करेगा, सिवाय उन मामलों के जिनमें उसे संविधान के तहत स्वविवेक से कार्य करना आवश्यक है। अनुच्छेद 163(2) के अनुसार, यदि यह प्रश्न उठता है कि कोई मामला राज्यपाल के स्वविवेक का है या नहीं, तो राज्यपाल का निर्णय अंतिम होगा और उसे न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। अनुच्छेद 163(3) न्यायालयों को मंत्रियों द्वारा दी गई सलाह की जांच करने से रोकता है।
Example
राज्य स्तर पर नई स्वास्थ्य योजना शुरू करने का निर्णय मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल द्वारा लिया जाता है; राज्यपाल अनुच्छेद 163 के तहत आधिकारिक तौर पर इसे मंजूरी देते हैं।
Key Takeaway
मुख्यमंत्री और उनका मंत्रिमंडल ही राज्य के वास्तविक नीति-निर्माता और शासक होते हैं।
FAQs
राज्य का वास्तविक प्रमुख कौन होता है?
मुख्यमंत्री राज्य की वास्तविक कार्यपालिका शक्ति का प्रमुख होता है, जबकि राज्यपाल नाममात्र का या संवैधानिक प्रमुख होता है।
क्या राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह मानने के लिए बाध्य है?
अधिकांश मामलों में, हाँ। हालांकि, राज्यपाल के पास कुछ 'स्वविवेकीय शक्तियां' (Discretionary Powers) होती हैं जहाँ वे अपने विवेक से काम कर सकते हैं।
क्या राज्यपाल मुख्यमंत्री को किसी निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकता है?
हाँ, राज्यपाल मंत्रिपरिषद से अपनी दी गई सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकते हैं।
मुख्यमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?
राज्यपाल उस नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त करते हैं जिसे राज्य विधानसभा में बहुमत का समर्थन प्राप्त होता है।
राज्यपाल की स्वविवेकीय शक्तियां राष्ट्रपति की शक्तियों से किस प्रकार भिन्न हैं?
राज्यपाल की स्वविवेकीय शक्तियां राष्ट्रपति की तुलना में अधिक व्यापक और संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त हैं। राष्ट्रपति के पास केवल परिस्थिति-जन्य स्वविवेक होता है, जबकि राज्यपाल के पास संवैधानिक स्वविवेक (जैसे अनुच्छेद 200 के तहत राष्ट्रपति के लिए विधेयक सुरक्षित रखना, अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करना) और परिस्थिति-जन्य स्वविवेक (जैसे त्रिशंकु विधानसभा में मुख्यमंत्री नियुक्त करना) दोनों होते हैं।
क्या राज्यपाल की स्वविवेकीय शक्ति असीमित है?
नहीं। नबाम रेबिया बनाम उपाध्यक्ष मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि राज्यपाल की स्वविवेकीय शक्तियां मनमानी नहीं हैं। जिन मामलों में उन्हें मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करना अनिवार्य है, वहां वे स्वविवेक का प्रयोग नहीं कर सकते।
क्या न्यायालय मंत्रियों द्वारा राज्यपाल को दी गई सलाह की जांच कर सकते हैं?
नहीं। अनुच्छेद 163(3) स्पष्ट करता है कि मंत्रियों द्वारा राज्यपाल को दी गई किसी भी सलाह (या क्या सलाह दी गई) की जांच किसी भी न्यायालय में नहीं की जा सकती, जिससे मंत्रिमंडल की गोपनीयता सुरक्षित रहती है।
Quiz
राज्य के मंत्रिमंडल का प्रमुख कौन होता है?
Answer: मुख्यमंत्री
अनुच्छेद 163 संघ के किस अनुच्छेद के समान है?
Answer: अनुच्छेद 74
मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद किसे सलाह देते हैं?
Answer: राज्यपाल को
क्या राज्यपाल मंत्रियों की सलाह के बिना कार्य कर सकता है?
Answer: स्वविवेकीय मामलों में
अनुच्छेद 163 का कौन सा खंड न्यायालयों को मंत्रियों द्वारा राज्यपाल को दी गई सलाह की जांच करने से रोकता है?
Answer: खंड (3)
अनुच्छेद 163(2) के तहत, यह निर्णय करने का अंतिम अधिकार किसके पास है कि कोई विषय राज्यपाल के स्वविवेक के अधीन है या नहीं?
Answer: राज्य के राज्यपाल के पास