Part VI - The States • अनुच्छेद

अनुच्छेद 155 Simplified: राज्यपाल की नियुक्ति

अनुच्छेद 155 स्पष्ट करता है कि किसी राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति सीधे भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राष्ट्रपति इस नियुक्ति को करने के लिए अपने हस्ताक्षर और मुहर सहित एक औपचारिक आदेश (जिसे 'वारंट' कहा जाता है) जारी करते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि राज्यपाल केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच एक संवैधानिक कड़ी के रूप में कार्य करें।

Official Text

राज्यपाल कि नियु िक्त–राज्य के राज्यपाल को राष्ट्रपति अपने हस्तारि और मु द्रा सहित अधिपत्र द्वारा नियु क्त करेगा ।

Simple Meaning

अनुच्छेद 155 स्पष्ट करता है कि किसी राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति सीधे भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राष्ट्रपति इस नियुक्ति को करने के लिए अपने हस्ताक्षर और मुहर सहित एक औपचारिक आदेश (जिसे 'वारंट' कहा जाता है) जारी करते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि राज्यपाल केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच एक संवैधानिक कड़ी के रूप में कार्य करें।

Explain Like Ten

राज्यपाल का चुनाव जनता द्वारा नहीं किया जाता है। इसके बजाय, भारत के राष्ट्रपति उन्हें एक हस्ताक्षरित और मुहर लगे पत्र (वारंट) के माध्यम से चुनते और नियुक्त करते हैं।

Student Mode

यह प्रावधान करता है कि किसी राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित वारंट (warrant under hand and seal) द्वारा की जाएगी। संविधान सभा ने इस बात पर चर्चा की थी कि क्या राज्यपालों को सीधे निर्वाचित होना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय नियंत्रण बनाए रखने, निर्वाचित राज्यपाल और निर्वाचित मुख्यमंत्री के बीच संघर्ष से बचने और संसदीय प्रणाली की स्थिरता की रक्षा के लिए नियुक्ति के विकल्प को चुना।

Example

जब महाराष्ट्र या पश्चिम बंगाल जैसे राज्य का नेतृत्व करने के लिए एक नए राज्यपाल का चयन किया जाता है, तो राष्ट्रपति नियुक्ति के एक औपचारिक वारंट पर हस्ताक्षर करते हैं, जिसे राज्य की राजधानी के राजभवन में एक सार्वजनिक समारोह में पढ़ा जाता है।

Key Takeaway

राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जिससे यह पद संघ और राज्यों के बीच एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पुल बन जाता है।

FAQs

राज्यपाल को सीधे जनता द्वारा क्यों नहीं चुना जाता है?

एक निर्वाचित राज्यपाल का निर्वाचित मुख्यमंत्री के साथ टकराव हो सकता है, जिससे प्रतिस्पर्धी लोकतांत्रिक जनादेश का दावा हो सकता है। नियुक्ति यह सुनिश्चित करती है कि राज्यपाल एक निष्पक्ष संवैधानिक रेफरी और केंद्रीय समन्वयक के रूप में कार्य करे।

क्या राज्यपाल की नियुक्ति में राज्य सरकार की कोई भूमिका होती है?

संवैधानिक रूप से नहीं। हालांकि, परंपरा के अनुसार (जिसकी सिफारिश सरकारिया आयोग (Sarkaria Commission) ने की थी), केंद्र सरकार को किसी राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति करने से पहले उस राज्य के मुख्यमंत्री से परामर्श करना चाहिए, हालांकि इस परंपरा की अक्सर अनदेखी की जाती है।

Quiz

अनुच्छेद 155 के तहत राज्यपाल की नियुक्ति कैसे की जाती है?

Answer: राष्ट्रपति द्वारा वारंट के माध्यम से नियुक्त होकर

संविधान सभा ने निर्वाचित राज्यपाल के बजाय नियुक्त राज्यपाल को चुनने का मुख्य कारण क्या बताया था?

Answer: राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच राजनीतिक घर्षण को रोकना

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