Part V - The Union • अनुच्छेद
अनुच्छेद 151 Simplified: परीक्षा प्रतिवेदन (लेखापरीक्षा रिपोर्ट)
अनुच्छेद 151 के तहत नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) को अपनी ऑडिट रिपोर्ट सौंपना आवश्यक है। केंद्र सरकार के खातों से संबंधित रिपोर्ट राष्ट्रपति को जाती है, जिन्हें इसे संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाना होता है। राज्य सरकार के खातों से संबंधित रिपोर्ट राज्य के राज्यपाल को जाती है, जिन्हें इसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाना होता है।
Official Text
संपरििा प्रतिवेदन–(1) भारत के नियंत्रक-महालेखापरिकि के संघ के लेखाओं संबंधी प्रतिवेदनि को राष्ट्रपति के समि प्रस्तु त किया जाएगा, जो उनको संसद् के प्रत्येक सदन के समि रखवाएगा । (2) भारत के नियंत्रक-महालेखापरिकि के किसी राज्य के लेखाओं संबंधी प्रतिवेदनि को उस राज्य के राज्यपाल *** के समि प्रस्तु त किया जाएगा, जो उनको राज्य के विधान-मंडल के समि रखवाएगा । ु च्छेद 150” के स्थान पर प्रतिस्थापित । ् ” के स्थान पर प्रतिस्थापित । ु सू ची द्वारा (1-11-1956 से) “या राजप्रमु ख” शब्दि का लोप किया गया ।
Simple Meaning
अनुच्छेद 151 के तहत नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) को अपनी ऑडिट रिपोर्ट सौंपना आवश्यक है। केंद्र सरकार के खातों से संबंधित रिपोर्ट राष्ट्रपति को जाती है, जिन्हें इसे संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाना होता है। राज्य सरकार के खातों से संबंधित रिपोर्ट राज्य के राज्यपाल को जाती है, जिन्हें इसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाना होता है।
Explain Like Ten
जब मुख्य लेखापरीक्षक (CAG) सरकार की खर्चों वाली किताबों की जांच पूरी कर लेते हैं, तो वे रिपोर्ट राष्ट्रपति (देश के लिए) या राज्यपाल (राज्य के लिए) को भेजते हैं। इन नेताओं को यह रिपोर्ट संसद या विधानसभा में दिखानी होती है ताकि सभी को पता चल सके कि पैसे का सही उपयोग हुआ या नहीं।
Student Mode
यह नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्टों के संवैधानिक मार्ग को निर्धारित करता है। केंद्र की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी जाती है, जो इसे संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाते हैं, जबकि राज्य की रिपोर्ट राज्यपाल को जाती है, जो इसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं। यह लोक वित्त पर विधायी नियंत्रण का आधार है, क्योंकि इन रिपोर्टों का बाद में लोक लेखा समिति (PAC) द्वारा विश्लेषण किया जाता है।
Example
किसी राज्य में सिंचाई पर सार्वजनिक खर्च का ऑडिट करने के बाद, नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) ऑडिट रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपता है। राज्यपाल तब इस रिपोर्ट को राज्य विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत करते हैं, जहां लोक लेखा समिति (PAC) वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए इसकी समीक्षा करती है।
Key Takeaway
नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट राष्ट्रपति या राज्यपाल को सौंपी जानी चाहिए और विधायी व सार्वजनिक जांच के लिए संबंधित सदनों के समक्ष रखी जानी चाहिए।
FAQs
संसद के समक्ष रखे जाने के बाद नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) रिपोर्ट का क्या होता है?
यह स्वतः ही लोक लेखा समिति (PAC) के पास भेज दी जाती है, जो निष्कर्षों की समीक्षा करती है, सरकारी अधिकारियों से पूछताछ करती है और वित्तीय अनियमितताओं पर संसद को अपनी रिपोर्ट सौंपती है।
क्या राष्ट्रपति या राज्यपाल नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) रिपोर्ट को सदन में रखने से इनकार कर सकते हैं?
नहीं, अनुच्छेद 151 में 'रखवाएगा' (shall) शब्द का प्रयोग एक अनिवार्य संवैधानिक दायित्व को दर्शाता है।
Quiz
अनुच्छेद 151(2) के तहत नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) किसी राज्य के खातों से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट किसे सौंपता है?
Answer: राज्य के राज्यपाल को
ऑडिट रिपोर्ट सदन के पटल पर रखे जाने के बाद मुख्य रूप से कौन सी विधायी समिति उसकी बारीकी से जांच करती है?
Answer: लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee)