Part V - The Union • अनुच्छेद
अनुच्छेद 138 Simplified: उच्चतम न्यायालय की अधिकारिता की वृद्धि
अनुच्छेद 138 संसद को उच्चतम न्यायालय की शक्तियों और कार्यक्षेत्र (क्षेत्राधिकार) का विस्तार करने का अधिकार देता है। संसद कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट को संघ सूची (Union List) के विषयों पर अतिरिक्त शक्तियां दे सकती है, या केंद्र और राज्यों के बीच समझौतों के तहत अतिरिक्त शक्तियां सौंप सकती है।
Official Text
(1) उच्चतम न्यायालय को संघ सूची के विषयों में से किसी के संबंध में ऐसी अतिरिक्त अधिकारिता और शक्तियाँ होंगी जो संसद् विधि द्वारा प्रदान करे। (2) यदि संसद् विधि द्वारा उच्चतम न्यायालय द्वारा ऐसी अधिकारिता और शक्तियों के प्रयोग का उपबंध करती है तो उच्चतम न्यायालय को किसी विषय के संबंध में ऐसी अतिरिक्त अधिकारिता और शक्तियाँ होंगी जो भारत सरकार और किसी राज्य की सरकार विशेष करार द्वारा प्रदान करे।
Simple Meaning
अनुच्छेद 138 संसद को उच्चतम न्यायालय की शक्तियों और कार्यक्षेत्र (क्षेत्राधिकार) का विस्तार करने का अधिकार देता है। संसद कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट को संघ सूची (Union List) के विषयों पर अतिरिक्त शक्तियां दे सकती है, या केंद्र और राज्यों के बीच समझौतों के तहत अतिरिक्त शक्तियां सौंप सकती है।
Explain Like Ten
अगर देश में कोई नया काम शुरू हो और उसके लिए सुप्रीम कोर्ट को नए प्रकार के मुकदमों की सुनवाई करने की जिम्मेदारी देनी हो, तो संसद कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट को ये अतिरिक्त शक्तियां दे सकती है।
Student Mode
यह उच्चतम न्यायालय के क्षेत्राधिकार के विस्तार (Enlargement of Jurisdiction) से संबंधित है। खंड (1) के तहत संसद संघ सूची के विषयों पर सुप्रीम कोर्ट की शक्तियां बढ़ा सकती है। खंड (2) के तहत केंद्र और राज्य सरकारें आपसी करार द्वारा भी शक्तियां बढ़ा सकती हैं, बशर्ते संसद इसकी अनुमति दे।
Example
यदि संसद अंतरिक्ष व्यापार के लिए एक नया राष्ट्रीय न्यायाधिकरण बनाती है और चाहती है कि इसके खिलाफ अपील सीधे सुप्रीम कोर्ट में हो, तो संसद अनुच्छेद 138 का उपयोग करके नया कानून पारित कर सकती है।
Key Takeaway
संसद के पास कानून बनाकर उच्चतम न्यायालय के क्षेत्राधिकार को बढ़ाने की शक्ति है।
FAQs
क्या संसद सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों को कम कर सकती है?
नहीं, संसद अनुच्छेद 138 के तहत शक्तियों का विस्तार तो कर सकती है, लेकिन वह सुप्रीम कोर्ट की मूल शक्तियों (जैसे न्यायिक समीक्षा या अनुच्छेद 32 के तहत रिट जारी करने की शक्ति) को छीन या कम नहीं कर सकती क्योंकि वे संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा हैं।
अनुच्छेद 138(2) का क्या महत्व है?
यह केंद्र और किसी राज्य सरकार को विशेष समझौते (करार) के द्वारा किसी विशिष्ट मामले को सुप्रीम कोर्ट के क्षेत्राधिकार में सौंपने की अनुमति देता है, यदि संसद इसकी सुविधा प्रदान करने वाला कानून बनाए।
Quiz
अनुच्छेद 138(1) के तहत, संसद सुप्रीम कोर्ट की अधिकारिता का विस्तार किस सूची के विषयों के संबंध में कर सकती है?
Answer: संघ सूची
क्या संसद कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट की मूल संवैधानिक शक्तियों को कम कर सकती है?
Answer: नहीं, क्योंकि वे बुनियादी ढांचे का हिस्सा हैं