Part V - The Union • अनुच्छेद
अनुच्छेद 134क Simplified: उच्चतम न्यायालय में अपील के लिए प्रमाणपत्र
अनुच्छेद 134क अपीलों की प्रक्रिया को तेज करने का काम करता है। इसके तहत, उच्च न्यायालय को अपना निर्णय देने के तुरंत बाद यह तय करना होता है कि क्या मामला सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के योग्य है या नहीं। यह निर्णय न्यायालय खुद कर सकता है या हारने वाले पक्ष के वकील के मौखिक अनुरोध पर तुरंत ले सकता है।
Official Text
प्रत्येक उच्च न्यायालय, जो अनुच्छेद 132 के खंड (1) या अनुच्छेद 133 के खंड (1) या अनुच्छेद 134 के खंड (1) में निर्दिष्ट निर्णय, डिक्री, अंतिम आदेश या दंडादेश पारित करता है या देता है, इस प्रकार पारित किए जाने या दिए जाने के ठीक पश्चात्,— (क) यदि वह ऐसा करना ठीक समझता है तो स्वप्रेरणा से, और (ख) यदि व्यथित पक्षकार द्वारा या उसकी ओर से मौखिक आवेदन किया जाता है तो, यथाशीघ्र इस प्रश्न का अवधारण करेगा कि क्या उस मामले के संबंध में, यथास्थिति, अनुच्छेद 132 के खंड (1), अनुच्छेद 133 के खंड (1) या अनुच्छेद 134 के खंड (1) के उपखंड (ग) में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र दिया जाए।
Simple Meaning
अनुच्छेद 134क अपीलों की प्रक्रिया को तेज करने का काम करता है। इसके तहत, उच्च न्यायालय को अपना निर्णय देने के तुरंत बाद यह तय करना होता है कि क्या मामला सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के योग्य है या नहीं। यह निर्णय न्यायालय खुद कर सकता है या हारने वाले पक्ष के वकील के मौखिक अनुरोध पर तुरंत ले सकता है।
Explain Like Ten
यह एक आसान तरीका है जिससे जैसे ही जज अपना अंतिम फैसला सुनाते हैं, वकील तुरंत उनसे पूछ सकते हैं कि क्या वे इस केस को सुप्रीम कोर्ट ले जा सकते हैं, ताकि अलग से लंबी अर्जी न देनी पड़े।
Student Mode
इसे 44वें संशोधन (1978) द्वारा जोड़ा गया ताकि अपील प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। यह अनिवार्य करता है कि उच्च न्यायालय निर्णय पारित करने के ठीक बाद स्वप्रेरणा से या पक्षकार के मौखिक आवेदन पर यह तय करे कि अनुच्छेद 132, 133 या 134 के तहत प्रमाण पत्र दिया जाए या नहीं।
Example
जैसे ही उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपना फैसला सुनाते हैं, हारने वाले पक्ष के वकील खड़े होकर तुरंत एक प्रमाण पत्र की मांग करते हैं। न्यायाधीश को तुरंत फैसला करना होगा, जिससे समय और कागजी कार्रवाई बचती है।
Key Takeaway
अनुच्छेद 134क निर्णय के तुरंत बाद अपील के प्रमाण पत्र पर मौखिक आवेदन और त्वरित निर्णय की सुविधा देता है।
FAQs
अनुच्छेद 134क संविधान में कब जोड़ा गया?
इसे 1978 में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया ताकि प्रमाण पत्र प्राप्त करने में होने वाली देरी को कम किया जा सके।
प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कैसे किया जाता है?
यह आवेदन निर्णय सुनाए जाने के तुरंत बाद वकील द्वारा न्यायालय में मौखिक रूप से किया जाता है, या फिर अदालत खुद इस पर विचार करती है।
Quiz
किस संशोधन द्वारा अनुच्छेद 134क को संविधान में जोड़ा गया था?
Answer: 44वां संशोधन
अनुच्छेद 134क के तहत अपील के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया जाना चाहिए:
Answer: निर्णय के तुरंत बाद मौखिक रूप से