Part V - The Union • अनुच्छेद

अनुच्छेद 131क Simplified: केन्द्रीय विधियों की संवैधानिक वैधता से संबंधित प्रश्नों के बारे में उच्चतम न्यायालय की अनन्य अधिकारिता

अनुच्छेद 131क आपातकाल के दौरान बनाया गया एक नियम था जिसने सभी उच्च न्यायालयों (High Courts) से यह तय करने का अधिकार छीन लिया था कि कोई केंद्रीय (राष्ट्रीय) कानून संवैधानिक है या नहीं, और यह शक्ति केवल उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) को दे दी थी। इससे आम नागरिकों के लिए बहुत कठिनाई और खर्च बढ़ गया था क्योंकि उन्हें किसी भी राष्ट्रीय कानून को चुनौती देने के लिए नई दिल्ली जाना पड़ता था। इसे 1977 में आधिकारिक रूप से समाप्त (निरसित) कर दिया गया।

Official Text

संविधान (तैंतालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1977 की धारा 4 द्वारा (13-4-1978 से) निरसित।

Simple Meaning

अनुच्छेद 131क आपातकाल के दौरान बनाया गया एक नियम था जिसने सभी उच्च न्यायालयों (High Courts) से यह तय करने का अधिकार छीन लिया था कि कोई केंद्रीय (राष्ट्रीय) कानून संवैधानिक है या नहीं, और यह शक्ति केवल उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) को दे दी थी। इससे आम नागरिकों के लिए बहुत कठिनाई और खर्च बढ़ गया था क्योंकि उन्हें किसी भी राष्ट्रीय कानून को चुनौती देने के लिए नई दिल्ली जाना पड़ता था। इसे 1977 में आधिकारिक रूप से समाप्त (निरसित) कर दिया गया।

Explain Like Ten

यह एक ऐसा नियम था जिसने कहा था कि केवल दिल्ली का सबसे बड़ा कोर्ट ही केंद्रीय कानूनों की जाँच कर सकता है। चूंकि आम लोगों के लिए दिल्ली जाना बहुत कठिन था, इसलिए हमने इस नियम को हटा दिया ताकि आपके राज्य के उच्च न्यायालय भी इन कानूनों की जाँच कर सकें।

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42वें संशोधन अधिनियम (1976) द्वारा जोड़ा गया। इसने केंद्रीय कानूनों की संवैधानिक वैधता पर निर्णय लेने की उच्च न्यायालयों की अधिकारिता छीन ली और उच्चतम न्यायालय को अनन्य अधिकारिता दी। न्याय तक पहुँच को आसान बनाने के लिए 43वें संशोधन (1977) द्वारा इसे निरसित कर दिया गया।

Example

यदि कोई राष्ट्रीय कर कानून आपके अधिकारों का उल्लंघन करता था, तो अनुच्छेद 131क के तहत आप उसे मुंबई या चेन्नई के स्थानीय उच्च न्यायालय में चुनौती नहीं दे सकते थे। आपको सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ता था। इसके निरसन से उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ बहाल हो गईं।

Key Takeaway

अनुच्छेद 131क के निरसन ने संवैधानिक न्याय का विकेंद्रीकरण किया और राष्ट्रीय कानूनों की समीक्षा में उच्च न्यायालयों की भूमिका बहाल की।

FAQs

अनुच्छेद 131क का क्या प्रभाव था?

इसने राज्य के उच्च न्यायालयों की केंद्रीय कानूनों को असंवैधानिक घोषित करने की शक्ति छीन ली थी, जिससे यह शक्ति केवल सुप्रीम कोर्ट तक सीमित हो गई थी।

अनुच्छेद 131क को क्यों हटाया गया?

इसे इसलिए हटाया गया क्योंकि सभी केंद्रीय कानूनों की चुनौतियों को दिल्ली भेजने से नागरिकों पर अत्यधिक भौगोलिक और वित्तीय बोझ पड़ता था।

Quiz

निरस्त हो चुके अनुच्छेद 131क के तहत, केंद्रीय कानूनों की वैधता पर निर्णय लेने की अनन्य शक्ति किस अदालत के पास थी?

Answer: उच्चतम न्यायालय

उच्च न्यायालयों की अधिकारिता बहाल करने के लिए किस संशोधन द्वारा अनुच्छेद 131क को निरसित किया गया था?

Answer: 43वां संशोधन

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