Part V - The Union • अनुच्छेद
अनुच्छेद 129 Simplified: अभिलेख न्यायालय के रूप में उच्चतम न्यायालय
अनुच्छेद 129 उच्चतम न्यायालय को 'अभिलेख न्यायालय' घोषित करता है। इसका अर्थ है कि इसके निर्णय स्थायी साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रहते हैं और सभी अधीनस्थ न्यायालयों के लिए बाध्यकारी उदाहरण (नजीर) बनते हैं। यह न्यायालय की अवमान करने वालों को दंडित करने की शक्ति भी उच्चतम न्यायालय को देता है।
Official Text
129. अभिलेख न्यायालय के रूप में उच्चतम न्यायालय—उच्चतम न्यायालय अभिलेख न्यायालय होगा और उसे अपनी अवमान के लिए दंड देने की शक्ति सहित ऐसे न्यायालय की सभी शक्तियाँ होंगी।
Simple Meaning
अनुच्छेद 129 उच्चतम न्यायालय को 'अभिलेख न्यायालय' घोषित करता है। इसका अर्थ है कि इसके निर्णय स्थायी साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रहते हैं और सभी अधीनस्थ न्यायालयों के लिए बाध्यकारी उदाहरण (नजीर) बनते हैं। यह न्यायालय की अवमान करने वालों को दंडित करने की शक्ति भी उच्चतम न्यायालय को देता है।
Explain Like Ten
यह नियम दो काम करता है: पहला, उच्चतम न्यायालय का हर फैसला हमेशा के लिए लिखित रूप में सुरक्षित रहता है ताकि अन्य न्यायालय उनका अनुसरण कर सकें। दूसरा, यदि कोई न्यायालय का अपमान करे या उसके आदेशों को मानने से इनकार करे, तो न्यायालय उन्हें दंडित कर सकता है (जिसे न्यायालय की अवमान कहते हैं)!
Student Mode
अनुच्छेद 129 उच्चतम न्यायालय को 'अभिलेख न्यायालय' घोषित करता है। इसके दो संवैधानिक निहितार्थ हैं: (1) साक्ष्य मूल्य: इसके अभिलेख और निर्णय सदैव के लिए स्मृति और साक्ष्य हेतु सुरक्षित रखे जाते हैं और किसी भी अधीनस्थ न्यायालय में उनकी वैधता पर सवाल नहीं किया जा सकता। (2) अवमान शक्ति: इसे स्वयं की अवमान (दीवानी और आपराधिक दोनों) के लिए दंडित करने की अंतर्निहित शक्ति है। यह एक संवैधानिक शक्ति है जिसे संसद के किसी साधारण कानून द्वारा न तो प्रतिबंधित किया जा सकता है और न ही छीना जा सकता है।
Example
यदि कोई सार्वजनिक अधिकारी या मीडिया संस्था ऐसे असत्य बयान प्रकाशित करे जो जानबूझकर न्यायालय को बदनाम करें या कोई न्यायालय के आदेश का पालन न करे, तो उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 129 के तहत अवमान की कार्यवाही शुरू कर उन्हें दंडित कर सकता है।
Key Takeaway
अनुच्छेद 129 भारत की संवैधानिक प्रणाली में उच्चतम न्यायालय को अभिलेख न्यायालय के रूप में स्थापित करता है।
FAQs
'अभिलेख न्यायालय' का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि न्यायालय के निर्णय स्थायी साक्ष्य के रूप में दर्ज रहते हैं और सभी अधीनस्थ न्यायालयों के लिए बाध्यकारी उदाहरण बनते हैं। इसका यह भी अर्थ है कि न्यायालय को अपनी अवमान के लिए दंडित करने की शक्ति है।
क्या संसद कोई कानून बनाकर उच्चतम न्यायालय की अवमान दंडित करने की शक्ति समाप्त कर सकती है?
नहीं। उच्चतम न्यायालय ने माना है कि अनुच्छेद 129 के तहत अवमान दंडित करने की शक्ति एक अंतर्निहित संवैधानिक शक्ति है और इसे संसद के किसी विधायी अधिनियम द्वारा समाप्त या प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।
Quiz
अनुच्छेद 129 के तहत उच्चतम न्यायालय को किसके लिए दंडित करने की शक्ति है?
Answer: अपनी अवमान के लिए
अनुच्छेद 215 के तहत राज्यों के लिए कौन सा न्यायालय 'अभिलेख न्यायालय' घोषित है?
Answer: उच्च न्यायालय