Part V - Parliament • अनुच्छेद
अनुच्छेद 120 Simplified: संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा
अनुच्छेद 120 यह निर्धारित करता है कि संसद का कामकाज हिंदी या अंग्रेजी में किया जाएगा। हालांकि, यदि कोई सांसद इन दोनों भाषाओं में सहज नहीं है, तो लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति की अनुमति से वह अपनी मातृभाषा (क्षेत्रीय भाषा) में भाषण दे सकता है।
Official Text
120. संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा—(1) भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी, किन्तु अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद में कार्य हिन्दी में या अंग्रेजी में किया जाएगा: परन्तु, यथास्थिति, राज्यसभा का सभापति या लोकसभा का अध्यक्ष अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति किसी सदस्य को, जो हिन्दी में या अंग्रेजी में अपनी पर्याप्त अभिव्यक्ति नहीं कर सकता है, अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुज्ञा दे सकेगा। (2) जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात् यह अनुच्छेद ऐसे प्रभावी होगा मानो “या अंग्रेजी में” शब्दों का उसमें से लोप कर दिया गया हो।
Simple Meaning
अनुच्छेद 120 यह निर्धारित करता है कि संसद का कामकाज हिंदी या अंग्रेजी में किया जाएगा। हालांकि, यदि कोई सांसद इन दोनों भाषाओं में सहज नहीं है, तो लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति की अनुमति से वह अपनी मातृभाषा (क्षेत्रीय भाषा) में भाषण दे सकता है।
Explain Like Ten
संसद में नेता मुख्य रूप से हिंदी या अंग्रेजी में बातचीत करते हैं। लेकिन यदि किसी राज्य का नेता इन दोनों भाषाओं को अच्छे से नहीं बोल पाता, तो अध्यक्ष उन्हें उनकी अपनी भाषा (जैसे तमिल, बंगाली या मराठी) में बोलने की विशेष अनुमति दे सकते हैं!
Student Mode
अनुच्छेद 120 संसद की भाषा से संबंधित है: (1) संसद का कामकाज हिंदी या अंग्रेजी में संचालित होता है। (2) राज्यसभा के सभापति या लोकसभा के अध्यक्ष ऐसे किसी भी सदस्य को अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुमति दे सकते हैं जो हिंदी या अंग्रेजी में अपनी बात पर्याप्त रूप से व्यक्त नहीं कर सकता। (3) खंड (2) में प्रावधान था कि संविधान लागू होने के 15 वर्ष बाद (यानी 1965 में) अंग्रेजी का उपयोग समाप्त हो जाएगा, लेकिन संसद ने 'राजभाषा अधिनियम, 1963' पारित करके अंग्रेजी के निरंतर प्रयोग को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया।
Example
यदि तमिलनाडु का कोई सांसद संसद में तमिल भाषा में बोलना चाहता है, तो वह लोकसभा अध्यक्ष से अनुच्छेद 120 के तहत अनुमति लेकर तमिल में अपनी बात रख सकता है।
Key Takeaway
हिंदी और अंग्रेजी संसद की आधिकारिक भाषाएं हैं, लेकिन अनुमति लेकर क्षेत्रीय भाषाओं में भी बोला जा सकता है।
FAQs
क्या कोई सांसद संसद में किसी भी क्षेत्रीय भाषा में बोल सकता है?
हाँ, लेकिन डिफ़ॉल्ट रूप से बोलने की भाषा हिंदी या अंग्रेजी है। यदि कोई सांसद अपनी क्षेत्रीय मातृभाषा में बोलना चाहता है, तो उसे अनुच्छेद 120(1) के तहत अध्यक्ष या सभापति से पूर्व अनुमति लेनी होती है, और संसद में इसका अनुवाद उपलब्ध कराया जाता है।
क्या संविधान लागू होने के 15 साल बाद संसद में अंग्रेजी का उपयोग बंद हो गया था?
नहीं। यद्यपि अनुच्छेद 120(2) में 15 वर्ष (1965) की समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन संसद ने 'राजभाषा अधिनियम, 1963' बनाकर अंग्रेजी के प्रयोग को हिंदी के साथ-साथ अनिश्चितकाल के लिए जारी रखने की अनुमति दे दी।
Quiz
लोकसभा में किसी सांसद को उसकी मातृभाषा में बोलने की अनुमति देने का अधिकार किसके पास है?
Answer: लोकसभा अध्यक्ष को
अनुच्छेद 120 के तहत संसद की कार्यवाही के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से कौन सी भाषाएं निर्दिष्ट की गई हैं?
Answer: हिंदी और अंग्रेजी