Part V - Parliament • अनुच्छेद
अनुच्छेद 114 Simplified: विनियोग विधेयक
अनुच्छेद 114 एक तरह से 'चेकबुक का नियम' है। भले ही लोकसभा बजट को मंजूरी दे दे, लेकिन सरकार तब तक देश के बैंक (संचित निधि) से एक भी रुपया नहीं निकाल सकती जब तक कि संसद से एक विशेष कानून न पास हो जाए, जिसे 'विनियोग विधेयक' (Appropriation Bill) कहते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि सरकार तय सीमा से अधिक खर्च न करे।
Official Text
114. विनियोग विधेयक—(1) लोकसभा द्वारा अनुच्छेद 113 के अधीन अनुदान किए जाने के पश्चात्, यथाशक्य शीघ्र, भारत की संचित निधि में से— (क) लोकसभा द्वारा इस प्रकार किए गए अनुदानों की, और (ख) भारत की संचित निधि पर भारित, किन्तु संसद के समक्ष पहले रखे गए विवरण में दर्शित रकम से किसी भी दशा में अनधिक व्यय की, पूर्ति के लिए अपेक्षित सभी धनराशियों के विनियोग का उपबंध करने के लिए विधेयक पुरःस्थापित किया जाएगा। (2) इस प्रकार किए गए किसी अनुदान की रकम में परिवर्तन करने या अनुदान के लक्ष्य को बदलने अथवा भारत की संचित निधि पर भारित व्यय की रकम में परिवर्तन करने का प्रभाव रखने वाला कोई संशोधन, ऐसे किसी विधेयक में संसद के किसी सदन में प्रस्थापित नहीं किया जाएगा और पीठासीन व्यक्ति का इस बारे में विनिश्चय अंतिम होगा कि कोई संशोधन इस खंड के अधीन अग्राह्य है या नहीं। (3) अनुच्छेद 115 और अनुच्छेद 116 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, भारत की संचित निधि में से इस अनुच्छेद के उपबंधों के अनुसार पारित विधि द्वारा किए गए विनियोग के अधीन ही कोई धन निकाला जाएगा, अन्यथा नहीं।
Simple Meaning
अनुच्छेद 114 एक तरह से 'चेकबुक का नियम' है। भले ही लोकसभा बजट को मंजूरी दे दे, लेकिन सरकार तब तक देश के बैंक (संचित निधि) से एक भी रुपया नहीं निकाल सकती जब तक कि संसद से एक विशेष कानून न पास हो जाए, जिसे 'विनियोग विधेयक' (Appropriation Bill) कहते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि सरकार तय सीमा से अधिक खर्च न करे।
Explain Like Ten
संचित निधि को एक बहुत बड़े राष्ट्रीय गुल्लक की तरह समझें। भले ही लोकसभा सरकार की योजनाओं से सहमत हो, लेकिन जब तक संसद 'विनियोग विधेयक' नाम का एक विशेष कानून पास नहीं कर देती, सरकार उस गुल्लक से एक भी सिक्का नहीं निकाल सकती। यह कानून उस गुल्लक की चाबी की तरह काम करता है।
Student Mode
अनुच्छेद 114 लोकसभा द्वारा अनुदान की मांगों को मंजूरी दिए जाने के बाद विनियोग विधेयक (Appropriation Bill) पेश करना अनिवार्य बनाता है। यह विधेयक भारत की संचित निधि से धन निकालने का कानूनी अधिकार प्रदान करता है ताकि: (क) लोकसभा द्वारा स्वीकृत अनुदान और (ख) संचित निधि पर भारित व्यय को पूरा किया जा सके। विनियोग विधेयक में ऐसा कोई भी संशोधन प्रस्तावित नहीं किया जा सकता जो किसी अनुदान की राशि या उसके उद्देश्य को बदले। अनुच्छेद 114(3) स्पष्ट करता है कि कानून द्वारा पारित विनियोग के बिना संचित निधि से कोई भी धन नहीं निकाला जा सकता।
Example
अनुदानों की मांगों पर वोटिंग पूरी होने के बाद, संसद विनियोग विधेयक पारित करती है। यह कानून संचित निधि को अनलॉक करता है, जिससे सरकार को प्रशासनिक वेतन और नई योजनाओं के लिए 1 अप्रैल से धन निकालने का कानूनी अधिकार मिल जाता है।
Key Takeaway
政府 बिना किसी विशिष्ट कानून के देश के खजाने से कोई भी पैसा खर्च नहीं कर सकती।
FAQs
विनियोग विधेयक (Appropriation Bill) क्या है?
यह एक ऐसा विधेयक है, जो संसद द्वारा पारित होने और राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद अधिनियम बन जाता है, और सरकार को अपने बजटीय खर्चों को पूरा करने के लिए भारत की संचित निधि से धन निकालने का अधिकार देता है।
क्या विनियोग विधेयक में किसी अनुदान की राशि बदलने के लिए संशोधन किए जा सकते हैं?
नहीं। अनुच्छेद 114(2) संसद के किसी भी सदन में ऐसे किसी भी संशोधन को प्रतिबंधित करता है जो पहले से स्वीकृत अनुदान की राशि या उसके उद्देश्य को बदले या भारित व्यय की राशि में बदलाव करे।
यदि विनियोग विधेयक संसद में पारित नहीं हो पाता है तो क्या होगा?
चूंकि इसके बिना खजाने से धन नहीं निकाला जा सकता, इसलिए सरकार के पास काम चलाने के लिए पैसे नहीं बचेंगे। लोकसभा में विनियोग विधेयक का गिरना सरकार के प्रति अविश्वास माना जाता है, जिससे सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।
Quiz
भारत की संचित निधि से धन निकालने की अनुमति किसके द्वारा दी जाती है?
Answer: एक विनियोग अधिनियम द्वारा
क्या विनियोग विधेयक में किसी अनुदान के उद्देश्य को बदलने के लिए संशोधन पेश किए जा सकते हैं?
Answer: नहीं, यह पूरी तरह प्रतिबंधित है