Part II - Citizenship • अनुच्छेद
अनुच्छेद 11 Simplified: संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन किया जाना
अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता से जुड़े सभी मामलों (नागरिकता प्राप्त करने, समाप्त करने या नए नियम बनाने) पर कानून बनाने की पूर्ण और सर्वोच्च शक्ति देता है। इसी अधिकार का उपयोग करके संसद ने 'नागरिकता अधिनियम, 1955' (Citizenship Act, 1955) बनाया था।
Official Text
इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों की कोई बात नागरिकता के अर्जन और समाप्ति के तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में उपबंध करने की संसद की शक्ति का अल्पीकरण नहीं करेगी।
Simple Meaning
अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता से जुड़े सभी मामलों (नागरिकता प्राप्त करने, समाप्त करने या नए नियम बनाने) पर कानून बनाने की पूर्ण और सर्वोच्च शक्ति देता है। इसी अधिकार का उपयोग करके संसद ने 'नागरिकता अधिनियम, 1955' (Citizenship Act, 1955) बनाया था।
Explain Like Ten
यह नियम हमारी संसद को नागरिकता से जुड़े नए कानून बनाने या पुराने कानूनों को सुधारने की पूरी शक्ति देता है, जैसे सीएए (CAA) कानून बनाना।
Student Mode
यह अनुच्छेद स्पष्ट करता है कि भाग II (अनुच्छेद 5 से 10) के उपबंध केवल संविधान के लागू होने के समय की नागरिकता से संबंधित थे। भविष्य में नागरिकता के अर्जन (acquisition) और समाप्ति (termination) के विनियमन की अंतिम और पूर्ण शक्ति संसद को सौंपी गई है, जिसके तहत नागरिकता अधिनियम, 1955 पारित किया गया था।
Example
हाल के वर्षों में सरकार द्वारा लाए गए सीएए (Citizenship Amendment Act - CAA) या एनआरसी (NRC) से जुड़े कानून संसद को अनुच्छेद 11 द्वारा दी गई शक्तियों के तहत ही बनाए गए हैं।
Key Takeaway
भविष्य की जरूरतों के अनुसार नागरिकता के नियमों में बदलाव करने का पूरा अधिकार केवल देश की संसद के पास है।
FAQs
वर्तमान नागरिकता नियम कौन बनाता है?
अनुच्छेद 11 द्वारा दी गई शक्ति का उपयोग करते हुए भारत की संसद।
आज मुख्य नागरिकता कानून क्या है?
नागरिकता अधिनियम, 1955, जिसमें कई बार (2019 सहित) संशोधन किया गया है।
Quiz
नागरिकता को विनियमित करने की शक्ति किसके पास है?
Answer: संसद
अनुच्छेद 11 के तहत कौन सा अधिनियम बनाया गया था?
Answer: नागरिकता अधिनियम 1955