Part V - Parliament • अनुच्छेद
अनुच्छेद 106 Simplified: सदस्यों के वेतन और भत्ते
अनुच्छेद 106 यह व्यवस्था देता है कि सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन स्वयं संसद कानून बनाकर तय करेगी। इससे यह सुनिश्चित होता है कि उन्हें अपने कार्य को पूर्णकालिक रूप से करने के लिए उचित भुगतान मिले और उन्हें किसी अन्य बाहरी आय पर निर्भर न रहना पड़े।
Official Text
106. सदस्यों के वेतन और भत्ते—संसद के प्रत्येक सदन के सदस्य ऐसे वेतन और भत्ते, जिन्हें संसद, समय-समय पर, विधि द्वारा, अवधारित करे और जब तक इस संबंध में इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसे भत्ते, ऐसी दरों से और ऐसी शर्तों पर, जो भारत डोमिनियन की संविधान सभा के सदस्यों को इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले लागू थीं, प्राप्त करने के हकदार होंगे।
Simple Meaning
अनुच्छेद 106 यह व्यवस्था देता है कि सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन स्वयं संसद कानून बनाकर तय करेगी। इससे यह सुनिश्चित होता है कि उन्हें अपने कार्य को पूर्णकालिक रूप से करने के लिए उचित भुगतान मिले और उन्हें किसी अन्य बाहरी आय पर निर्भर न रहना पड़े।
Explain Like Ten
सांसदों को देश की सेवा करने और कानून बनाने के लिए वेतन और भत्ते मिलते हैं। अनुच्छेद 106 कहता है कि संसद खुद ही कानून पास करके अपने सदस्यों का वेतन तय करेगी। यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है कि वे खुद अपना वेतन बढ़ा सकते हैं, लेकिन वे जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं और चुनाव में जनता उन्हें हटा सकती है।
Student Mode
अनुच्छेद 106 सांसदों के पारिश्रमिक से संबंधित है: (1) संसद अपने सदस्यों के वेतन और भत्ते कानून बनाकर (Salaries, Allowances and Pension of Members of Parliament Act, 1954 के तहत) तय करती है। (2) जब तक संसद कानून नहीं बनाती, तब तक संविधान सभा के सदस्यों को मिलने वाली दरें लागू थीं। ध्यान दें कि राष्ट्रपति या जजों के विपरीत (जिनका वेतन संचित निधि पर भारित होता है), सांसदों के वेतन पर बजट में मतदान होता है।
Example
संसद समय-समय पर कानून में संशोधन करके सांसदों के वेतन और भत्तों में बदलाव करती है, जैसा कि 'संसद सदस्य वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954' के तहत किया जाता है।
Key Takeaway
सांसदों का वेतन संसद द्वारा खुद कानून बनाकर तय किया जाता है और यह जनता के टैक्स के पैसे से दिया जाता है।
FAQs
भारत में सांसदों का वेतन कौन तय करता है?
स्वयं संसद, कानून बनाकर। वर्तमान में यह 'संसद सदस्य वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954' द्वारा विनियमित होता है।
क्या सांसदों द्वारा खुद का वेतन तय करने पर कोई नियंत्रण है?
हाँ, जनता और मीडिया का नियंत्रण। यदि वे बहुत अधिक वेतन बढ़ाते हैं, तो उन्हें चुनाव में मतदाताओं के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।
Quiz
अनुच्छेद 106 के अनुसार, सांसदों के वेतन और भत्ते किसके द्वारा निर्धारित किए जाते हैं?
Answer: संसद द्वारा कानून बनाकर
जब तक संसद अनुच्छेद 106 के तहत कानून नहीं बनाती, तब तक सांसदों के भत्ते किस दर पर तय थे?
Answer: भारत डोमिनियन की संविधान सभा के सदस्यों को लागू दरों पर