Part V - Parliament • अनुच्छेद

अनुच्छेद 104 Simplified: अनुच्छेद 99 के अधीन शपथ लेने या प्रतिज्ञान करने से पहले या अर्हित न होते हुए या निरर्हित किए जाने पर बैठने और मत देने के लिए शास्ति

यदि कोई व्यक्ति बिना शपथ लिए, या अयोग्य घोषित होने के बावजूद, या सांसद बनने की योग्यता न होने पर भी संसद की बैठक में बैठता है या वहां वोट डालता है, तो उसे प्रतिदिन ₹500 का जुर्माना (शास्ति) देना होगा। यह नियम सुनिश्चित करता है कि केवल वैध प्रतिनिधि ही कानून बनाने की प्रक्रिया में भाग लें।

Official Text

104. अनुच्छेद 99 के अधीन शपथ लेने या प्रतिज्ञान करने से पहले या अर्हित न होते हुए या निरर्हित किए जाने पर बैठने और मत देने के लिए शास्ति—यदि संसद के किसी सदन में कोई व्यक्ति अनुच्छेद 99 की अपेक्षाओं का अनुपालन करने से पहले, या यह जानते हुए कि मैं उसकी सदस्यता के लिए अर्हित नहीं हूं या निरर्हित कर दिया गया हूं या संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों द्वारा ऐसा करने से प्रतिषिद्ध कर दिया गया हूं, सदस्य के रूप में बैठता है या मत देता है, तो वह प्रत्येक दिन के लिए, जब वह इस प्रकार बैठता है या मत देता है, पांच सौ रुपए की शास्ति का भागी होगा जो संघ को देय ऋण के रूप में वसूल की जाएगी।

Simple Meaning

यदि कोई व्यक्ति बिना शपथ लिए, या अयोग्य घोषित होने के बावजूद, या सांसद बनने की योग्यता न होने पर भी संसद की बैठक में बैठता है या वहां वोट डालता है, तो उसे प्रतिदिन ₹500 का जुर्माना (शास्ति) देना होगा। यह नियम सुनिश्चित करता है कि केवल वैध प्रतिनिधि ही कानून बनाने की प्रक्रिया में भाग लें।

Explain Like Ten

यदि कोई नया सांसद बिना शपथ लिए संसद की बैठक में बैठ जाता है, या अगर कोई अयोग्य व्यक्ति संसद में जाकर वोट डाल देता है, तो उसे हर एक दिन के लिए ₹500 का जुर्माना देना पड़ेगा। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे स्कूल से सस्पेंड होने के बाद भी चुपके से क्लास में बैठ जाना—पकड़े जाने पर सजा और जुर्माना दोनों भुगतना पड़ेगा!

Student Mode

अनुच्छेद 104 अनाधिकृत रूप से संसद की बैठक में भाग लेने या मतदान करने पर वित्तीय दंड (शास्ति) का प्रावधान करता है। शर्तें: (1) अनुच्छेद 99 के तहत शपथ लिए बिना बैठना/मतदान करना; (2) योग्यता न होने की जानकारी के बावजूद बैठना/मतदान करना; (3) अयोग्य होने पर भी बैठना/मतदान करना; (4) संसद के किसी कानून द्वारा प्रतिबंधित होने पर बैठना/मतदान करना। जुर्माना ₹500 प्रतिदिन है, जिसे केंद्र सरकार को देय ऋण के रूप में वसूल किया जाता है।

Example

यदि किसी सांसद का चुनाव कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया जाता है और वह इसके बाद भी संसद की बैठक में भाग लेता है, तो उस पर प्रतिदिन ₹500 का जुर्माना लगाया जाएगा।

Key Takeaway

बिना कानूनी अधिकार के संसद में बैठने या मतदान करने पर प्रतिदिन जुर्माना लगता है।

FAQs

संसद में अनाधिकृत रूप से बैठने पर प्रतिदिन कितना जुर्माना लगता है?

अनुच्छेद 104 के अनुसार, ऐसे व्यक्ति पर प्रतिदिन ₹500 का जुर्माना लगता है, जिसे केंद्र सरकार के कर्ज (ऋण) के रूप में वसूल किया जाता है।

क्या कोई सांसद यह कहकर जुर्माने से बच सकता है कि उसे अपनी अयोग्यता के बारे में नहीं पता था?

अनुच्छेद 104 केवल तभी लागू होता है जब व्यक्ति यह 'जानते हुए' बैठता है कि वह अर्हित नहीं है या निरर्हित है। हालांकि, यह साबित करने का जिम्मा उसी सदस्य पर होता है।

Quiz

अनुच्छेद 104 के तहत, अयोग्य सांसद के रूप में संसद की बैठक में बैठने या मतदान करने पर प्रतिदिन कितना जुर्माना है?

Answer: ₹500 प्रतिदिन

अनुच्छेद 104 के तहत लगाया गया जुर्माना किस रूप में वसूल किया जाता है?

Answer: संघ (केंद्र सरकार) को देय ऋण के रूप में

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